आगरा, मई 16 -- अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम ने दुराचार और धमकी देने के मामले में आरोपी टेंट व्यवसायी जीतू उर्फ जितेन्द्र को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए। वहीं गवाही से मुकरने पर पीड़िता सहित तीन के खिलाफ वाद दर्जकर कार्यवाही के आदेश दिए। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक कुमार कुशवाह ने तर्क दिए कि आरोपी निर्दोष है। उसको झूठा फंसाया गया है। आरोपी द्वारा पीड़िता के साथ कोई दुराचार नहीं किया गया है। वादिनी ने थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराया कि उसके पति की आरोपी जीतू उर्फ जितेन्द्र से मित्रता होने के कारण उसका घर पर आना जाना था। यह भी पढ़ें- दुराचार के आरेापी से व्यवसायी बरी वह पीड़िता पर बुरी नजर रखता था। 15 फरवरी 2016 को पीड़िता के पति की गैर मौजूदगी में आरोपी ने मौका पाकर उसके साथ दुराचार किया। पुलिस ने वि...