गिरडीह, जुलाई 17 -- बगोदर। बगोदर प्रखंड के तिरला गांव में एक परिवार में एक सप्ताह से सिर्फ सिसकियां गूंज रही हैं। हंसी-खुशी मानो घर छोड़कर चली गई हो। प्रवासी मजदूर लालचंद महतो की दुबई में मौत के बाद पूरा परिवार टूट चुका है। जब भी कोई परिजनों से मिलने पहुंचता है, घर का माहौल गमगीन हो जाता है। पत्नी बसंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह पति का शव मंगाने के लिए सरकार से मदद मांगना चाहती है, लेकिन बोलते-बोलते बिलखने लगती है। शब्द गले में ही अटक जाते हैं। परिजनों ने सरकार से लालचंद का शव स्वदेश मंगवाने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतिम बार एक झलक देख लेंगे। बता दें कि लालचंद महतो इसी साल रोजी-रोटी के लिए दुबई गए थे। एक कंपनी में कारपेंटर का काम मिला था, लेकिन बीच में उनका बीजा गुम हो गया। कंपनी ने भी काम से निकाल दिया। उसके बाद लालचंद बेघर ...