नई दिल्ली, फरवरी 28 -- हमारे आस-पड़ोस के कम से कम तीन मुल्कों में किशोरों-नौजवानों ने अपने-अपने निजाम की चूलें हिला दीं- श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल। एक अराजक दौर के बाद श्रीलंका व बांग्लादेश में लोकप्रिय सरकारों का गठन भी हो चुका है। खरामा-खरामा ही सही, जम्हूरियत वहां नए सफर पर बढ़ चुकी है। नेपाल आगामी गुरुवार को अपने लोकतंत्र का भविष्य तय करेगा। घाघ राजनेताओं के बीच महज 35 साल के बालेंद्र शाह वहां बड़ी तेजी से उभरकर सामने आए हैं। अपने मुल्क में वह 'बालेन शाह' के नाम से मकबूल हैं। अप्रैल 1990 में नारदेवी, काठमांडू में पैदा बालेन की पृष्ठभूमि मैथिली है। उनके पिता रामनारायण शाह और मां ध्रुवा देवी मूलत: मधेश प्रदेश के महोत्तरी जिले के बाशिंदे थे। मधेश प्रदेश की सीमाएं बिहार से लगी हुई हैं। पेशे से आयुर्वेदिक डॉक्टर रामनारायण शाह की नियुक्...
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