बोकारो, मार्च 10 -- प्रकृति पर्व सरहुल आदिवासी संस्कृति के अनुसार सोमवार को दुधीमाटी गांव में बड़े ही चहल पहल के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव के पाहन द्वारा साल वृक्ष पर पद्धति अनुसार पूजा अर्चना किया गया। रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राधानगर पंचायत के मुखिया स्वरूप दास को समिति के प्रमुख लोगों ने पारम्पारिक वस्त्र व गुलदस्ता प्रदान कर स्वागत किया। मौके पर मुखिया ने कहा कि सरहुल पर्व को प्रकृति पर्व के रूप में संथाल समाज की ओर से आदि काल से मनाया जा रहा है। इस दिन जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए शपत लिया जाता है। इसके पूर्व आदिवासी समुदाय के बालिकाओं द्वारा आदिवासी नृत्य का मनमोहक परस्तुति प्रस्तुत कर अन्य अतिथियों का मन मोह लिया ।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्वि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.