लखीमपुरखीरी, मई 9 -- दुधवा टाइगर रिजर्व का कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग घड़ियालों के संरक्षण और उनकी वंश वृद्धि का मुख्य केंद्र बना हुआ है। जंगल के बीचों-बीच बहने वाली गेरूआ और कौड़ियाला नदियों के किनारे घड़ियालों के लिए सबसे सुरक्षित बसेरा साबित हो रहे हैं, जहां ये जलीय जीव अपनी वंश बेल को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। इस बार जून में और नन्हें घड़ियालों का दीदार सैलानियों को होने वाला है। कतर्नियाघाट की नदियों में न सिर्फ संरक्षण केंद्र से लाकर घड़ियालों के बच्चे छोड़े जाते हैं। बल्कि यहां उनकी प्राकृतिक वंशवृद्धि भी होती है। नदी के रेतीले टापुओं पर मादा घड़ियालों घोसला बनाकर अंडे देती है। यह भी पढ़ें- दुधवा के गैंडे को पहनाया गया रेडियो कॉलर इस बार यहां घड़ियालों के 24 घोंसले बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रत्येक घोंसले में करी...