बोकारो, मार्च 9 -- दामोदा, प्रतिनिधि। आदिवासी समुदाय की बैठक दुगदा स्थित सरना स्थल परिसर में की गई। अध्यक्षता गुप्ता मुर्मू व संचालन ईश्वर टुडू ने किया। यहां सरहुल पूजनोत्सव 21 मार्च को धूमधाम से पारंपारिक रीति रिवाज के साथ मनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही सरना मंदिर में पूर्वाह्न 11 बजे नायके हड़ाम एवं योग मांझी द्वारा पूजा अर्चना कराने एवं अपराह्न 3 बजे सरहुल पूजा स्थल से सिदो-कान्हो चौक तक झांकी निकालने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को सरहुल प्रति वर्ष मनाया जाता है। सरहुल आदिवासी समुदाय का सबसे लोकप्रिय पर्व है। आदिवासी समुदाय सरहुल को पर्यावरण पर्व के रूप में मनाते हैं। पूजा समिति से जुड़े सभी सदस्यों को सरहुल पूजा की सफलता एवं तैयारी में जुड़ जाने का आह्वान किया है। रामकुमार मुर्म...