गंगापार, अक्टूबर 19 -- दीपावली पर्व में पारंपरिक व्यंजनों में सूरन यानी जिमीकंद का विशेष स्थान होता है। बाजारों में इन दिनों इसकी मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सब्जी मंडियों में खरीदारी बढ़ने से दामों में भी इजाफा हुआ है। ग्रामीण इलाकों में लोग इसे नरक चतुर्दशी और गोवर्धन पूजा पर बनाना शुभ मानते हैं। परंपरा है कि इन त्योहारों पर सूरन का सेवन नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और पाचन सुधारने के लिए किया जाता है। सिर्फ स्वाद ही नहीं, सूरन में अनेक औषधीय गुण भी छुपे हुए हैं। आयुर्वेद में इसे वातनाशक, रक्तशुद्धिकारक और पाचक औषधि माना गया है। इसमें मौजूद फाइबर, कैल्शियम, आयरन और विटामिन बी-6 शरीर को संतुलित रखने के साथ कई रोगों से रक्षा करते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि त्योहारों में तले-भुने पकवानों के बाद सूरन की सब्जी पेट के लिए बे...