हजारीबाग, मार्च 25 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि । हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि और आपूर्ति में कमी के कारण दिहाड़ी मजदूरों का जीवन मुश्किल हो गया है। खाना पकाने में असमर्थ होने के कारण कई मजदूर दोपहर के भोजन में सत्तू, चना या अन्य तैयार रेडी टू इट भोजन पर निर्भर हो गए हैं। हजारीबाग में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार पर गैस संकट का गहरा असर पड़ा है। होटल मे महंगा खाना हो गया है। गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी के कारण छोटे होटल और ढाबे बंद हो रहे हैं या उन्होंने भोजन की कीमतें 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा दी हैं। मजबूरी में कई होटल संचालक कोयला या लकड़ी जैसे अन्य विकल्पों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में खाना महंगा होने से मजदूरों का सत्तू-चना  सहारा बन गया है। दोपहर का भोजन पकाने की सुविधा न होने पर मजदू...