वाराणसी, जनवरी 1 -- शहर की हवा ने इस दिसंबर में खतरे की घंटी बजा दी है और पिछले चार सालों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पूरे महीने में लोगों को साफ हवा में सांस लेने के लिए सिर्फ पांच दिन मिले, जबकि बाकी 26 दिन प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना रहा। हालात इतने खराब थे कि 14 दिसंबर को वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 248 तक पहुंच गया था। अगर हम पिछले सालों को देखें तो 2024 में सिर्फ दो दिन हवा खराब थी, लेकिन 2025 में यह आंकड़ा 26 दिन तक पहुंच गया, जो बेहद चिंताजनक है। डॉक्टरों का कहना है कि हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों में जमा हो रहे हैं। इसका सीधा असर दमा और सांस के मरीजों पर पड़ा है और हालत यह है कि अब उन पर सामान्य दवाएं भी बेअसर साबित हो रही हैं। प्रशासन ने प्रदूषण रोकने के लिए सड़कों पर पानी के छिड़क...