दिशोम गुरु संघर्ष, सादगी और स्वाभिमान के थे प्रतीक : कमलेश
रांची, अगस्त 3 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि दिशोम गुरु संघर्ष, सादगी और स्वाभिमान के प्रतीक थे। चार अगस्त केवल एक पुण्यतिथि नहीं है, बल्कि झारखंड के लिए आत्ममंथन और संकल्प का दिन है। झारखंड की मिट्टी, जंगल, पहाड़, संस्कृति और यहां के लोगों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। शिबू सोरेन ने कभी राजनीति को सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं माना। उनके लिए राजनीति समाज परिवर्तन का साधन थी। उन्होंने गांव-गांव जाकर आदिवासियों, किसानों और मजदूरों को संगठित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन की चर्चा शिबू सोरेन के बिना अधूरी है। यह भी पढ़ें- पहली पुण्यतिथि पर हर जिले में लगेगी दिशोम गुरु की प्रतिमा उन्होंने अलग झारखंड राज्य की मांग ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.