जमशेदपुर, मार्च 15 -- झारखंड में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के स्कूलों में विशिष्ट शिक्षण दिव्यांगता (स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी) से जूझ रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) ने रणनीति तैयार कर ली है। इसी कड़ी में जेईपीसी मुख्यालय में उच्चस्तरीय अंतर्विभागीय अभिसरण बैठक (इंटर डिपार्टमेंटल कन्वर्जेंस मीटिंग) कर रणनीति तैयार की गई गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की स्क्रीनिंग, निदान और उनके प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना रहा। राज्य के शिक्षा विभाग ने माना है कि कई बच्चे बौद्धिक रूप से सक्षम होने ...