देहरादून, नवम्बर 11 -- पोक्सो कोर्ट ने मानसिक रूप से दिव्यांग महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोनों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट ने फैसले में पुलिस जांच को 'दूषित' करार देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। यह फैसला पोक्सो कोर्ट की जज रजनी शुक्ला ने सोमवार को सुनाया। बचाव पक्ष से अधिवक्ता आशुतोष गुलाटी और रजनीश गुप्ता ने पैरवी की। आशुतोष गुलाटी ने बताया कि घटना मार्च 2019 की है। जब सेलाकुई पुल के नीचे मानसिक रूप से कमजोर गर्भवती महिला को पाया गया था। जानकारी के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता पूजा बहुखंडी ने 19 मार्च 2019 को सहसपुर थाने में गैंगरेप का केस दर्ज कराया। आरोप लगाया कि महिला का लंबे समय से शोषण हो रहा है। वह तीन व्यक्तियों एक बाबा, मिस्री उर्फ सुरेश और शंकर के संपर्क में रही है। तहरीर में यह भी उल...
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