नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- ग्रहों के राजा सूर्य 16 नवंबर 2026 को यानी दिवाली बाद तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में गोचर करने वाले हैं। इस राशि में सूर्य करीब एक महीने तक यानी 16 दिसंबर 2026 तक विराजमान रहेंगे। वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। मंगल की राशि में सूर्य गोचर का प्रभाव मेष से लेकर मीन राशि पर पड़ेगा। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और आत्मा का कारक माना जाता है। जबकि मंगल ऊर्जा, रक्त और साहस के कारक हैं। ज्योतिष में सूर्य और मंगल के बीच मित्रता का संबंध माना जाता है। ऐसे में सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश साहस, आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और नेतृत्व से जुड़े मामलों को प्रभावित करने वाला माना जाता है। इस दौरान लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने क...