नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। राज्यसभा में बुधवार को दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 को ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई। लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के कारण देश की बैंकिंग प्रणाली में काफी सुधार हुआ है। वाणिज्यिक बैंकों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की वसूली में भी मदद मिली है।सीतारमण ने सदन में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि विधेयक के माध्यम से आईबीसी में 12 संशोधन प्रस्तावित हैं। उनके जवाब के बाद उच्च सदन ने ध्वनिमत से इस विधेयक को मंजूरी दे दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधेयक का यह उद्देश्य नहीं है कि किसी कंपनी का परिसमापन किया जाए ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.