नई दिल्ली, फरवरी 25 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल रिश्ते का टूट जाना आपराधिक कानून के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। मामला एक युवती की आत्महत्या से जुड़ा है, जिसने अपने पूर्व पार्टनर की दूसरी महिला से शादी होने के पांच दिन बाद फांसी लगाकर जान दे दी थी। युवती के पिता का आरोप था कि आरोपी ने उनकी बेटी को प्रेम जाल में फंसाया और शादी के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, जिसके चलते उसने अक्टूबर 2025 में यह आत्मघाती कदम उठाया। इस मामले में आरोपी को नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। यह भी पढ़ें- 'बिना नौकरी वाली पत्नी खाली नहीं बैठी होती', दिल्ली HC का मेंटेनें...
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