बांदा, मई 16 -- बांदा। संवाददाता उच्च रक्तचाप हमारे शरीर में साइलेंट किलर की तरह काम करता है। चूंकि इसके शुरुआती लक्षण नहीं दिखते हैं, यह चुपचाप दिल, मस्तिष्क और गुर्दों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। इसकी पहचान कर लिया जाना काफी नहीं है, बल्कि इसे नियंत्रित रखने में कैसे मदद की जाए, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। यह कहना है डा. विनीत सचान का। उन्होंने बताया कि नमक का अधिक सेवन, तंबाकू का उपयोग, तनाव और बढ़ता मोटापा- इन सबकी वजह से काफी संख्या में युवा भी उच्च रक्तचाप के शिकार हो रहे हैं। ये सभी कारक हमारे खान-पान और जीवनशैली से जुड़े हैं। लोगों में नमक खाने की दर तेजी से बढ़ रही है। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से तीन गुना तक नमक खा रहे हैं। ग्रामीण की तुलना में शहर में लोग की तुलनाधिक शहर रह रहे लोगों में उच्च रक्तचाप की दिक्कत मिल रही है...