नई दिल्ली, अगस्त 15 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक व्यक्ति को अपनी वैन में दृष्टिबाधित नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने का दोषी ठहराए जाने के फैसले को बरकरार रखा। हाईकोर्ट ने कहा कि उसने लड़की की बेबसी का फायदा उठाया। हालांकि, कोर्ट ने उसकी जेल की सजा को 20 साल से घटाकर 14 साल कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को देखते हुए निचली अदालत दुष्कर्म के अपराध के लिए या तो कम से कम 10 साल की सजा या उम्रकैद की सजा सुना सकती थी, लेकिन वह 14 साल से अधिक की कोई तय सजा नहीं सुना सकती थी। जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा ने कहा, ''अपीलकर्ता/आरोपी ने पीड़िता की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसे अपनी गाड़ी में बिठाया, उसके साथ मौजूद बच्चों को रोका और धमकाया और फिर उससे दुष्कर्म किया। जिस तरह से यह अपराध किया गया, वह भी सजा को और गंभीर बनाने वाली बा...