नई दिल्ली, जनवरी 16 -- दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) द्वारा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के सम्मान में आयोजित एक अभिनंदन समारोह में न्यायपालिका और बार के बीच के असंतुलन का मुद्दा गरमाया रहा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एन. हरिहरन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में वकीलों की कथित अनदेखी पर अपनी बात रखी। एन. हरिहरन ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट में लगभग 47,000 अधिवक्ता अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन पिछले 17 महीनों में इस विशाल बार से केवल 3 सदस्यों को ही जज के रूप में पदोन्नत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हम इन नियुक्तियों का स्वागत करते हैं, लेकिन वर्तमान धारणा यह बन गई है कि बार से जजों की नियुक्ति अब एक नियम नहीं, बल्कि एक अपवाद बन गई है। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्तिगत नियुक्ति पर सवाल...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.