प्रयागराज, सितम्बर 8 -- प्रयागराज। नई दिल्ली में हुए हादसे ने प्रयागराज के सरकारी अमले की नींद भी उड़ा दी है, क्योंकि यहां भी हजारों छात्र-छात्राएं ऐसे निजी हॉस्टल में व लॉज में रहते हैं, जो दशकों पुराने और जर्जर हो चुके हैं। हादसे के बाद नगर निगम और प्रयागराज विकास प्राधिकरण हरकत में आ गए हैं। नगर निगम ने शहर में जर्जर भवनों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं, वहीं, पीडीए अब अवैध भवनों में संचालित हॉस्टल और पेइंग गेस्ट (पीजी) की पड़ताल करेगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता दिनेश कुमार सचान ने सोमवार को सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं को शहर के जर्जर भवनों की जांच के निर्देश दिए हैं। यह भी पढ़ें- क्या किसी को पता है कि...; सत्य निकेतन हादसे के बाद किरण बेदी ने किस बात की जरूरत बताई उनके मुताबिक शहर में पहले ही 100 से अधिक जर्जर...