नई दिल्ली, सितम्बर 19 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अनुशासनात्मक आदेश को केवल अधिवक्ता अधिनियम की धारा-38 के तहत सुप्रीम कोर्ट में अपील के जरिए चुनौती दी जा सकती है। हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी वकील पी. बालासुब्रमणियन की याचिका खारिज करते हुए की। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कहा कि वकील आपराधिक कार्यवाही शुरू कराकर या हाईकोर्ट के पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र का सहारा लेकर बीसीआई के अनुशासनात्मक आदेश को अप्रत्यक्ष रूप से चुनौती नहीं दे सकता। वकील ने अपनी याचिका में मुख्य जिला एवं सेशन जज के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। जिला अदालत ने कुछ व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग वाली उनकी शिकायत खारिज कर दी थी। बालासुब्रमणियन ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई उनके अनुसूचित जाति ...