एटा, मार्च 27 -- एक दिन की मजदूरी में एक बार का खाना भी मुश्किल से मिल पा रहा था। ऐसा लगने लगा था कि अब दिल्ली में रहकर भूखे ही रहना पड़ेगा। जहां पर काम करने के लिए जाते थे वह काम भी बंद हो गया। दूसरे स्थानों पर काम मिल नहीं रहा था। दो-चार दिन तक इधर-उधर हाथ पैर मारने के बाद घर का ही रास्ता याद आया। यहां पर एकदम से काम भले ही न मिले, लेकिन भरपेट खाना तो मिलता रहेगा। यह बातें दिल्ली से लौटकर आए मारहरा क्षेत्र के लोगों ने बताई। ब्लॉक मारहरा क्षेत्र के गांव मोहनसती में करीब 30 से 40 लोग दिल्ली में रहकर काम करते हैं। इसी से परिवार का चलाते हैं। जैसे ही खाड़ी देशों में युद्ध शुरू हुआ वैसे ही दिल्ली में संकट पैदा होने लगा। फैक्ट्री में काम करने वालों को परेशानी गैस के कारण शुरू हुई। अधिकांश लोगों के पास गैस के कनेक्शन ही नहीं है। ऐसे में गैस मि...