हेमलता कौशिक, अप्रैल 2 -- एक रुपये की सालाना लीज पर स्कूल के नाम पर ली गई जमीन को बैंक में गिरवी रखने का मुद्दा सोमवार को हाईकोर्ट में फिर उठा। कोर्ट ने इस मामले में स्कूल सोसायटी, ऋण देने वाले बैंक, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा स्कूल की जमीन को कारोबार बना दिया है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने इस मामले को सरकारी महकमों का लचर रवैया बताया। पीठ ने कहा कि स्कूल के लिए सस्ते दाम पर दी गई जमीन को बगैर शिक्षा निदेशालय की अनुमति के गिरवी कैसे रखा जा सकता है? पीठ ने यह भी कहा कि डीडीए को लीज की जमीन को सशर्त गिरवी रखने के लिए पूर्व की नीति को बदलने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं, डीडीए की तरफ से ...
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