नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- दिल्ली सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत फर्जी, अपात्र और मृत लाभार्थियों को हटाने के लिए डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस प्रक्रिया में टीमें लाभार्थियों के घर जाकर बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट, आइरिस) प्रमाणीकरण और लाइव फोटो के जरिए रिकॉर्ड अपडेट करेंगी। यह सत्यापन प्रक्रिया 3 महीने तक चलेगी। नहीं मिलने वाले लाभार्थियों की पेंशन रद्द की जा सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि 4.4 लाख लाभार्थियों में से 20-25 फीसदी अयोग्य लोग हटाए जाएंगे।योजना में 4.4 लाख वरिष्ठ नागरिक शामिल अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत अयोग्य लाभार्थियों की पहचान करने के साथ ही उनको हटाने के लिए एक सत्यापन अभियान शुरू किया है। यह सत्यापन प्रक्रिया पहले ही शुरू की जानी थी लेकिन इसको इस कारण रोक दिया ...