नई दिल्ली, अक्टूबर 13 -- मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक घमासान चरम पर है। कांग्रेस, टीएमसी और सपा समेत पूरे विपक्षी 'INDIA' ब्लॉक और आम आदमी पार्टी के नेता दिल्ली की सड़कों पर उतरकर "वोट चोरी" के आरोप लगा रहे हैं, संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाल रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांग रहे हैं। लेकिन, ठीक इसके उलट पंजाब से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सभी को चौंका दिया है। दिल्ली की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन करने वाले राजनीतिक दलों के सुर पंजाब पहुंचते ही पूरी तरह बदल गए हैं। पंजाब में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब वोटर लिस्ट से 13.60 लाख फर्जी नाम हटाए गए, तो वहां किसी भी पार्टी ने कोई 'सवाल' खड़ा नहीं किया; बल्कि सत्तापक...