निखिल पाठक, मार्च 25 -- दिल्ली की तीस हजारी स्थित पॉक्सो अदालत ने आठ वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में 72 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबिता पुनिया की अदालत पॉक्सो अधिनियम की धारा छह और बीएनएस की धारा 65(2) व 351(2) के तहत दोषी ठहराए गए आरोपी वीर भान की सजा पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने सजा सुनाते हुए कहा कि यह केवल अपराध नहीं, बल्कि बचपन और राष्ट्र के भविष्य पर हमला है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बेहद डरावना है कि हम ऐसे समाज में रह रहे हैं, जहां बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। वीर भान जैसे लोग मासूम बच्चों पर गिद्ध की तरह नजर रखते हैं। पीड़िता के पुनर्वास के लिए अदालत ने 13.50 लाख रुपये के मुआवजे का आदेश दिया है। साथ ...