नई दिल्ली, मार्च 19 -- दिल्ली सरकार ने 'फ्लेक्स/विनाइल/पीवीसी पर डिजिटल प्रिंटिंग' को ग्रीन कैटेगरी की गतिविधि के रूप में वर्गीकृत किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इससे व्यापार करने में आसानी होगी और साथ ही पर्यावरण संबंधी सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि 'हरित श्रेणी की गतिविधियां/उद्योग' कम प्रदूषण फैलाने वाले होते हैं और इनका प्रदूषण सूचकांक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर होता है। इस निर्णय से दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) का वर्गीकरण सीपीसीबी के दिशानिर्देशों के अनुरूप हो गया है, जिससे प्रिंटिंग क्षेत्र के उद्यमों को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी। यह भी पढ़ें- दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ का असर, अभी 2 दिन और बारिश; 10 डिग्री तक गिरा पारा इस अपडेट की घोषणा करते हुए दि...