नई दिल्ली, मई 14 -- राजधानी दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार अब 'फायर मास्टर प्लान' के तहत बड़ा कदम उठा सकती है। जल्द 17.5 मीटर तक की ऊंची इमारतों के लिए फायर एनओसी लेना अनिवार्य हो सकता है। यदि यह फैसला लागू होता है तो दिल्ली की लगभग 95 फीसदी रिहायशी इमारतें दमकल विभाग की जांच के दायरे में आ जाएंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरों में बिजली के लोड, वायरिंग और सुरक्षित निकास द्वारों की पड़ताल कर जान-माल के नुकसान को कम करना है। हादसों में जा रही जान : बीते दिनों में कई जगह रिहायशी इलाकों में आग लगी है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। दरअसल, आधुनिक घरों में फाइबर, फॉल्स सीलिंग और लकड़ी का काम ज्यादा होता है, जो आग को तेजी से फैलाता है। पुरानी कॉलोनियों में सीढ़ियां इतनी तंग हैं कि आग लगने पर बाहर निकलना असंभव हो जा...