नई दिल्ली, अक्टूबर 25 -- दीवाली की रौनक और छठ की तैयारियों के बीच दिल्ली में एक खतरनाक ISIS-प्रेरित आतंकी साजिश पकड़ी गई, लेकिन पुलिस ने इसे पूरे 9 दिन तक राज की तरह छिपाकर रखा। 16 और 18 अक्टूबर को हुई गिरफ्तारियों का खुलासा अब जाकर 25 अक्टूबर को हुआ। अब सवाल उठता है आखिर इतने दिनों तक यह खतरनाक खबर क्यों दबाकर रखी गई?त्योहारी सीजन में पैनिक से बचाव की रणनीति पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारियां 16 अक्टूबर (सादिक नगर छापा) और 18 अक्टूबर (भोपाल में दूसरा संदिग्ध) को हुईं, लेकिन इन्हें जानबूझकर गोपनीय रखा गया। एडिशनल आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने साफ कहा कि दीवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के दौरान अगर यह खबर लीक हो जाती, तो दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में दहशत फैल जाती। लोग मॉल्स, बाजारों और पूजा स्थलों से दूर रहते, जिससे त्योहारी माहौल खराब ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.