नई दिल्ली, जनवरी 9 -- दिल्ली की एक अदालत में 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में आरोपी शरजील इमाम ने गुरुवार को चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों से उन्होंने हिंसा भड़कने से काफी पहले ही किनारा कर लिया था, क्योंकि साथी आरोपियों ने ही उन्हें दूर रहने की सलाह दी थी। उन्हें बताया गया कि उनके भाषणों से आंदोलन को 'सांप्रदायिक रंग' मिल रहा था, जो इसे आंदोलन को पहुंचा सकता था।क्यों आंदोलन से पीछे हटे? शरजील के वकील तालिब मुस्तफा ने जज समीर बाजपेई के सामने दलील दी कि जनवरी 2020 के शुरू में ही शरजील ने आंदोलन से दूरी बना ली थी। वकील ने कहा कि अभियोजन की अपनी चार्जशीट में भी शरजील को बीच में ही साइडलाइन कर दिया गया दिखाया गया है। फरवरी में दंगे भड़के, लेकिन शरजील का रोल तो दिसंबर 2019 तक सीमित था।उमर खालिद से दूरिया...