नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस की एक याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिका में उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसके तहत आरोपी देवांगना कलिता को 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ी कथित बड़ी साजिश के मामले में उन दस्तावेजों को देखने की इजाजत दी गई थी जिन पर अभियोजन पक्ष ने भरोसा नहीं किया था। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू और कलिता का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल की दलीलें सुनीं। शीर्ष अदालत ने 20 जुलाई को, दिल्ली हाईकोर्ट के 5 जून के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें मामले की आरोपी कलिता को उन दस्तावेजों को देखने की इजाजत दी गई थी जिन पर अभियोजन पक्ष ने भरोसा नहीं किया था। यह भी पढ़ें- CJP की मांग हो...