नई दिल्ली, मार्च 31 -- नई दिल्ली। राजधानी में मानसून से पहले नालों की सफाई का काम पिछड़ा हुआ है। हालात यह है कि शहर के 77 प्रमुख नालों में से गाद निकालने का काम करीब तीन-चौथाई अभी भी अधूरा पड़ा है। इससे आने वाले महीनों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दाखिल ताजा स्थिति रिपोर्ट ने विभाग की सुस्त चाल को उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 13 मार्च 2026 तक नालों से गाद निकालने का काम महज 23.04 फीसदी ही पूरा हो सका है। आंकड़ों को देखें तो विभाग ने 31 मई तक कुल 28,57,464 मीट्रिक टन गाद निकालने का लक्ष्य तय किया है, लेकिन अब तक सिर्फ 6,58,496 मीट्रिक टन गाद ही निकाली जा सकी है। इसका सीधा अर्थ यह है कि विभाग के सामने अब अगले दो महीनों में लगभग 22 लाख मीट्रिक टन गाद निकालन...