दिल्ली के विवेक विहार अग्निकांड में जलकर मरने वालों की संख्या घट सकती थी, मगर कैसे?
नई दिल्ली, मई 3 -- Vivek Vihar fire: घरों में लोहे की ग्रिल और प्लास्टिक की जालियां सुरक्षा और सुविधा खातिर लगाई जाती हैं। लेकिन, दिल्ली के विवेक विहार में हुए अग्निकांड में यही ग्रिल और जालियां मौत का जंजाल साबित हुईं। इनके कारण लोगों को भीषण आग से खुदको का रास्ता नहीं मिला और वो जिंदा जलकर मर गए। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रिल काटकर कुछ लोगों को बाहर निकाला, लेकिन घर के पीछे की तरफ संकरी गलियां और बंद रास्ते रेस्क्यू अभियान में लगातार रुकावटें पैदा करते रहे।धुआं भरते ही मची अफरा-तफरी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में स्थानीय निवासी गुरदीप सिंह गिल के हवाले से बताया गया है- करीब साढ़े तीन बजे दूसरी मंजिल पर आग की शुरुआत हुई। देखते ही देखते ये आग पूरे हिस्से में फैल गई। कुछ ही मिनटों में धुआं इतना घना हो गया कि ऊप...
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