प्रभात कुमार। नई दिल्ली, जनवरी 22 -- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली-एनसीआर के वायु प्रदूषण में वाहनों से निकलने वाले धुएं की सबसे अधिक हिस्सेदारी है। सीएक्यूएम ने अदालत के समक्ष वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना भी पेश की।कोर्ट ने मांगा ऐक्शन प्लान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने दिल्ली सरकार, नगर निकायों और एनसीआर के राज्यों की संबंधित एजेंसियों को सीएक्यूएम के उपाय लागू करने के लिए अपनी 'कार्य योजना' रिपोर्ट पेश करने को कहा। इसके लिए सभी हितधारकों को चार सप्ताह का समय दिया गया है। इससे पहले, सीएक्यूएम की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ के समक्ष रिपोर्ट पेश की, जिसमें वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 15 लं...
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