नई दिल्ली, नवम्बर 27 -- दिल्ली में सर्दी की शुरूआत होते ही हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। कई जगहों पर तो AQI का लेवल 450 से सुरक्षात्मक सीमा से बहुत ज्यादा हो गया है। राजधानी में वायु प्रदूषण मुख्य रूप से वाहनों के उत्सर्जन से होता है। वाहन वायु गुणवत्ता खराब करने के लिए 40% जिम्मेदार होते हैं। कई उपायों के बावजूद प्राइवेट गाड़ियों के खरीदने और शहर में गाड़ियों की कतारों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रोजाना लगभग 1,800 गाड़ियां जुड़ने का मतलब है कि यातायात PM2.5 उत्सर्जन का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। यातायात दिल्ली के कुल PM2.5 भार के लगभग आधे के लिए जिम्मेदार है। एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते हैं कि खराब होती हवा की क्वालिटी ट्रेंड को बदलने और जनता की रक्षा के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों, स्वच्छ ईंधन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुध...
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