नई दिल्ली, मई 30 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने राजधानी के विकास के लिए एक नई सोच और दीर्घकालिक रोडमैप प्रस्तुत करते हुए कहा है कि दिल्ली का भविष्य केवल कंक्रीट के विस्तार से नहीं, बल्कि सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर जीवन गुणवत्ता से तय होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिल्ली को एक आदर्श और रहने योग्य वैश्विक महानगर के रूप में विकसित करना होगा।

उद्योग जगत की भूमिका उपराज्यपाल ने उत्तर भारत के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ शनिवार को आयोजित एक बैठक में कहा कि दिल्ली की पहचान केवल ऊंची इमारतों और आधुनिक ढांचागत सुविधाओं से नहीं होगी, बल्कि उसकी रहने योग्यता, बेहतर संपर्क व्यवस्था और पर्यावरणीय मजबूती से होगी। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वह...