कटिहार, मार्च 12 -- सेमापुर । संवाद सूत्र बरारी प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में इन दिनों तरबूज की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। गंगा और कोसी नदी के किनारे स्थित इन दियारा इलाकों की बलुई और उपजाऊ मिट्टी तरबूज की खेती के लिए काफी उपयुक्त मानी जाती है। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में किसान इस इलाके में तरबूज की खेती करते हैं और इससे अच्छी आमदनी भी प्राप्त करते हैं।स्थानीय किसान राम कुमार यादव ने बताया कि तरबूज की बुआई जनवरी और फरवरी के महीने में की जाती है। इसके बाद मार्च महीने से पौधों में फल लगना शुरू हो जाता है। अप्रैल और मई के महीने में इसकी तुड़ाई शुरू हो जाती है और बाजारों में इसकी आपूर्ति की जाती है। गर्मी के मौसम में तरबूज की मांग अधिक होने के कारण किसानों को बाजार में अच्छे दाम मिलने की उम्मीद रहती है।दियारा क्षेत्रों में तर...