वरिष्ठ संवाददाता, अप्रैल 26 -- पारा 40 डिग्री पार होते ही अब असर सिर्फ शरीर पर नहीं, दिमाग पर दिखने लगा है। लोग बातें भूल रहे हैं, और ध्यान कुछ सेकेंड में भटक जा रहा है। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पिछले 15 दिनों में ऐसे "कन्फ्यूजन केस" करीब 20 फीसदी तक बढ़े हैं। उन्हें डॉक्टर सीधे तौर पर हीट स्ट्रेस और ब्रेन की ऑक्सीजन सप्लाई में गड़बड़ी से जोड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज गर्मी में शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होने लगता है। पानी की कमी से खून गाढ़ा हो जाता है और उसका प्रवाह धीमा पड़ता है। ऐसे में दिमाग तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिसका सीधा असर सोचने-समझने, याद रखने और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। यही वजह है कि मरीजों में भ्रम, चिड़चिड़ापन और फोकस में भारी कमी देखी जा रही है।भीषण गर्मी दिमाग में पैदा...
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