लखनऊ, जनवरी 31 -- लोहिया संस्थान में न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस के लेबोरेटरी डायग्नोसिस पर हुई कार्यशाला लखनऊ, कार्यालय संवाददाता इंडियन एकेडमी ऑफ ट्रॉपिकल पैरासिटोलॉजी के तत्वावधान में लोहिया संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से दो दिवसीय न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस के लेबोरेटरी डायग्नोसिस कार्यशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस (दिमाग में कीड़े) रोग मिर्गी के प्रमुख कारणों में से एक है। डॉ. पीके मौर्य ने बताया कि ये रोग दूषित भोजन या जल के सेवन से होता है। आधुनिक मस्तिष्क इमेजिंग तकनीकों से इसके निदान से समय पर उपचार संभव होता है है। लोहिया संस्थान की डॉ. नुजहत हुसैन ने बताया कि देश में नॉन-न्यूरोनल सिस्टीसर्कोसिस ज्यादा आम है। इसमें कंकाल की मांसपेशियां सबसे ज़्यादा प्रभावित होती हैं। डॉ. केएन प्रसाद ने कहा कि ...