नई दिल्ली, जून 18 -- विवेक काटजू, पूर्व राजनयिक पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपनी 'पार्लियामेंट' में घोषणा की थी कि ईरान और अमेरिका जेनेवा में पाकिस्तानी मेजबानी में सहमति-पत्र पर दस्तखत करेंगे, मगर एक नाटकीय अंदाज में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में यूरोपीय नेताओं की मौजूदगी में इस सहमति-पत्र पर बीते बुधवार को हस्ताक्षर कर दिया। उधर तेहरान में इस सहमति-पत्र के फारसी तर्जुमे पर ईरानी सदर मसूद पेजेशकियान ने दस्तखत किए। जैसे ही ये हस्ताक्षर हुए, दुनिया ने राहत की सांस ली, क्योंकि ईरान युद्ध के कारण विश्व भर में जो ऊर्जा संकट पैदा हुआ था, वह अब आहिस्ता-आहिस्ता दूर हो सकेगा और सामान्य स्थिति बहाल हो सकेगी। हां! यह जरूर है कि इस सहमति-पत्र को 60 दिनों के अंदर एक समझौते में ढलना होगा, जिसके लिए दोनों देशों में संभवत: 19 ...