नई दिल्ली, जनवरी 27 -- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है, जिसके मुताबिक सभी यूनिवर्सिटीज, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने संस्थानों के अंदर एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी उस संस्थान के अंदर SC/ST या OBC कैटगरी के छात्रों, शिक्षकों या गैर शिक्षण कर्मियों के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी शिकायतें सुनेंगी और तय समय-सीमा में उसका निपटारा करेगी। देश भर का सवर्ण समाज UGC के इस नियम का विरोध कर रहा है। बड़ी बात यह है कि जिस संसदीय समिति की सिफारिश पर UGC ने यह कानून बनाया है, उसके अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह है। उनके साथ इस समिति में कुल 30 सदस्य हैं जो संसद के दोनों सदनों के सदस्य हैं। इनमें कई भाजपा के सांसद हैं और सवर्ण समाज से आते हैं। दरअसल, यह सिफारिश शिक्षा, महि्ला, बच्च...