सीवान, मार्च 17 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। बाणगंगा को निर्मल और अविरल बनाने की पहल में शिथिलता पर गहरा चिंता व्यक्त करते हुए दाहा नदी बचाओ अभियान समिति ने दाहा नदी की स्थिति का अध्ययन को ले भ्रमण किया गया। ये भ्रमण सोमवार को हसनपुरा से सरैया, रजनपुरा के करने के बाद अभियान के संयोजक गदाधर दास ने बताया कि नदी को नाला बना दिया गया। घर के सारे कचड़ा नदी में ही डाला जा रहा है। विशेष कर नदी के किनारों पर कुड़ा का अम्बार लगा रखा है। यही स्थिति सीवान से लगभग चैनपुर तक बना हुआ है। सीवान की लाइफ लाइन कहा जाने वाली नदी का सुधि लेने वाला कोई नहीं। सब कागज पर ही खानापुर्ति किया जा रहा है। गोपालगंज, सासामुसा से निकल कर मांझा, फुलवरिया तक जाने वाली यह नदी सरयु नदी में मिल जाती है। जो हजारों एकड़ जमीन के लिए एक मात्र सिंचाई का माध्यम है। साथ ही मछली पालन,...