कोडरमा, दिसम्बर 18 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता। जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच संबंधित अधिकारियों द्वारा किए जा रहे सारे दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने और जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जिले के कई शहरी व ग्रामीण इलाकों में न तो अलाव जलते दिखे और न ही गरीबों तक कंबल पहुंच पाए। ऐसे में ठंड की मार सबसे ज्यादा असहाय, मजदूर, बुजुर्ग और फुटपाथ पर जीवन गुजारने वालों पर पड़ रही है। शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार क्षेत्र और प्रमुख चौक-चौराहों पर रात के समय गरीबों की हालत बेहद दयनीय है। खुले आसमान के नीचे ठंड से ठिठुरते लोग किसी तरह रात काटने को मजबूर हैं। कई स्थानों पर अलाव जलाने के लिए लकड़ी या कोयले की व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं, जिन इलाकों में अलाव...