संभल, मार्च 9 -- जिले के गांव अझरा में रविवार को उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब होमगार्ड जवान श्यौराज सिंह के बेटे रुपकिशोर का चयन बीएसएफ में हो गया। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव में गर्व और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 20 वर्षों के बाद गांव के किसी युवक को सरकारी नौकरी मिली है, इससे पहले वर्ष 2006 में गांव निवासी दूर्मेश को सीआरपीएफ में नौकरी मिली थी । इस कारण गांव के लोग रुपकिशोर की सफलता को अपनी सामूहिक खुशी के रूप में मना रहे हैं। रविवार को रुपकिशोर को ट्रेनिंग के लिए विदा करने के दौरान भावुक और गर्व भरा माहौल देखने को मिला। परिवार व रिश्तेदारों के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीण उन्हें विदाई देने के लिए जुटे। महिलाओं और बच्चों ने भी रुपकिशोर को शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अब रुपकिशोर...