नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। मौसम में बदलाव का असर अब किसानों तक सीमित नहीं रहा है। अल नीनो से जुड़ी मौसम संबंधी अनिश्चितता खाद्य महंगाई का जोखिम बढ़ा रही है। आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ रहा है और भविष्य में उस पर ज्यादा दबाव की आशंका है। सरकारी आंकड़ों में बीते महीने खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई, जबकि खाद्य महंगाई दर 7.74 प्रतिशत रही, लेकिन जमीन स्तर पर महंगाई का असर उससे कहीं अधिक है। हाल ही में जारी क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट कहती है कि सितंबर में घर पर बनने वाली शाकाहारी थाली की लागत बीते साल के मुकाबले 10 प्रतिशत और मांसाहारी थाली की लागत छह प्रतिशत बढ़ी गई है। जबकि अगस्त में शाकाहारी थाली चार और मांसाहारी तीन प्रतिशत महंगी हुई थी। इससे पता चलता है कि लगातार खाद्य वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ ...