नई दिल्ली, मई 25 -- पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर पेट्रोल-डीजल और गैस के बाद अब भारत की रसोई पर भी दिखने लगा है। समुद्री मालभाड़ा और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से दालों का आयात महंगा हो गया है। इसका असर घरेलू बाजार में अरहर, उड़द और मसूर जैसी दालों की थोक कीमतों पर पड़ रहा है। दूसरी तरफ चावल के निर्यात पर दबाव बढ़ने से उसकी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।अरहर की दाल के भाव सबसे अधिक उछले व्यापारियों के मुताबिक पिछले एक महीने में अरहर दाल की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी आई है। थोक बाजार में अरहर करीब 12 फीसदी महंगी होकर नौ हजार से 11,800 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास पहुंच गई है। उड़द दाल के दाम भी 500 से 800 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गए हैं। वहीं, मार्च के बाद से मसूर दाल की कीमतों में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह भी पढ़े...