हजारीबाग, दिसम्बर 8 -- दारू प्रतिनिधि दारू प्रखंड क्षेत्र के किसान औने-पौने में धान बेच रहे हैं। सरकारी व्यवस्था की सुस्ती और अपनी आर्थिक मजबूरी के दोहरे मार से जूझ रहे हैं। धान की कटाई और झराई का काम पूरा हो चुका है। लेकिन अब तक सरकारी धान क्रय केंद्र बंद पड़े हैं। इसीलिए औने-पौने दाम में किसान धान बेचने को विवश होना पड़ रहा है। क्षेत्र के अधिकतर किसान धान की फसल कटते ही उपज को तुरंत बेचना चाहते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण बुवाई के समय लिए गए महाजनों, साहूकारों और अन्य कर्जदाताओं का कर्ज चुकाना है। कर्जदाता लगातार भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं और समय पर धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसानों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। व्यापारी इसी मजबूरी का लाभ उठा रहे हैं। धान क्रय केंद्र नहीं खुलने में हो रही देरी को लेकर क्षेत्र के किसानों में गह...
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