सारंडा, जनवरी 23 -- झारखंड में माओवादियों के सबसे बढ़े गढ़ माने जाने वाले सारंडा में बड़ी सूझ बूझ से नक्सलियों के सफाए की पटकथा लिखी गई। खूंखार नक्सली मिसिर व अनल का दस्ता जरायकेला इलाके में ही बीते एक साल से रह रहा था। इनके खात्मे की कहानी 4 IPS अफसरों ने मिलकर लिखी। ये अफसर हैं- झारखंड में सीआरपीएफ के सेक्टर आईजी साकेत कुमार सिंह, आईजी जगुआर अनूप बिरथरे, आईजी ऑपरेशन माइकल राज एस, चाईबासा एसपी अमित रेणू।14 कैंप बनाकर की गई थी घेराबंदी मिसिर व अनल का दस्ता जरायकेला इलाके में ही बीते एक साल से रह रहा था। इलाके को माओवादियों ने आईईडी से घेर रखा था, जिसकी वजह से पुलिस को अभियान में लगातार नुकसान भी उठाना पड़ता था। ऐसे में सुरक्षाबलों का नेतृत्व कर रहे अफसरों ने आसपास के गांवों की पूरी घेराबंदी की। इन गांवों के आसपास कुल 14 कैंप स्थापित किए। ...