बागपत, अगस्त 6 -- बड़ौत। सावन के पवित्र महीने में जहां लाखों शिवभक्त आस्था के साथ कांवड़ यात्रा कर रहे हैं, वहीं हरियाणा के एक परिवार की यह यात्रा श्रद्धा के साथ-साथ भावनाओं से भी जुड़ी हुई है। यह केवल गंगाजल लाने की यात्रा नहीं, बल्कि करीब 50 वर्ष पुराने एक अधूरे सपने और एक बुजुर्ग की अंतिम इच्छा को पूरा करने का संकल्प है। दरअसल, हरियाणा के धनिरवास जिला झज्जर के रहने वाले परिवार के स्वर्गीय मुखिया छतर सिंह ने लगभग 50 वर्ष पहले हरिद्वार से एक कांवड़ लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। उनकी इच्छा थी कि भविष्य में कांवड़ का जोड़ा भी पूरा किया जाए, लेकिन परिस्थितियों के चलते यह संभव नहीं हो सका। समय बीतता गया और वह इच्छा अधूरी ही रह गई।जीवन के अंतिम समय उन्होंने अपने परिवार से एक ही बात कही थी-"मेरी कांवड़ का जोड़ा जरूर पूरा करना।" यही शब्द परिवार क...