मोतिहारी, मई 26 -- मेहसी। प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रखण्ड के कसबा मेहसी गांव स्थित लगभग 670 वर्ष पुराना दाता हलीम शाह के मकबरा पर लगने वाले तीन दिवसीय उर्स (मेला) मंगलवार से शुरू हो गया है। सुबह से ही दर्शन करने वाले चादर पोशी करने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है। इस मजार पर दोनों समुदाय के लोग आते हैं। दर्शन कर मन्नते मांगते, मन्नत पूरा होने पर उर्स के अवसर पर चादर पोशी करते हैं। इस मजार पर सिर्फ बिहार ही नहीं देश के कई राज्यों से लोग दर्शन करने व मन्नत मांगने आते हैं। लोग बताते हैं कि मजार पर जो भी मन्नते लोग मांगते है वो पूरा होता है। इसलिए इन्हें दाता कहा जाता है। कुछ पुराने लोगों ने बताया कि इस मजार का ऐसा प्रभाव है कि आजतक यहां दोनो समुदाय में साम्प्रदायिक घटना नहीं हुई। दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे के साथ मिलकर रहते हैं। उर्स क...