बांदा, मई 20 -- बांदा। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने बुधवार को दहेज हत्या में दोषी पति व सास को सात-सात वर्ष के कारावास और तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। पूर्व मंत्री के दबाव के कारण पिता न्याय के लिए 30 साल तक भटका। दहेज में बाइक न मिलने पर सास-ससुर व पति ने पहले गर्भवती बहू को जहर दिया और फिर फांसी पर लटका दिया। पिता को बिना सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया। दौरान मुकदमा ससुर की मौत हो गई थी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि मध्य प्रदेश के पन्ना जनपद के थाना धरमपुर क्षेत्र के बहिरवारा रतनपुर गांव निवासी मिहीलाल पुत्र गजराज प्रसाद ने अदालत में परिवाद प्रस्तुत किया था। अदालत के आदेश पर मुकदमे की कार्यवाही 30 जुलाई 1996 को शुरू हुई। बताया कि...